New
AROGYA SEVA KENDRA - Free Health Consultation -Click Here to Know More|BIMA BHAROSA - An Integrated Grievance Management System to facilitate the policyholders and complainants to file their grievances with IRDAI -Click here to know more|Click here to link your KYC|Policies where the risk commencement date is on or after 1st October 2024, all the policy servicing shall be as per the IRDAI (Insurance Products) Regulations, 2024 dated 20th March 2024 and Master Circular on Health Insurance Business dated 29th May 2024

भारत में हर्निया सर्जरी का अनुमानित खर्च कितना है

India +91✓

भारत में हर्निया सर्जरी का खर्च कितना होता है?

 

हर्निया सर्जरी विश्व स्तर पर की जाने वाली सबसे आम सर्जरी में से एक है। यह सर्जरी मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत जैसे देशों में की जाती है। हर्निया में, कोई अंग उस मांसपेशी या ऊतक की दीवार को तोड़कर बाहर निकल आता है जो उसे थामे रखती है। अधिकांश हर्निया पेट या कमर में बनते हैं।

 

इस लेख में हम हर्निया सर्जरी की वास्तविक लागत, हर्निया के प्रकार, यह क्यों महत्वपूर्ण है और अन्य बातों के बारे में जानेंगे।

 

हर्निया क्या है?

 

हर्निया एक दिखाई देने वाला उभार है जो तब होता है जब शरीर के आंतरिक अंग या ऊतक आसपास की मांसपेशियों की दीवारों में किसी छिद्र या कमजोर जगह से बाहर निकल आते हैं। अधिकांश हर्निया पेट की दीवार या कमर के क्षेत्र में बनते हैं। हर्निया से असुविधा और दर्द हो सकता है। यदि इसका सही इलाज न किया जाए तो यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

 

समय के साथ हर्निया बढ़ सकता है और अधिक दर्दनाक हो सकता है। हर्निया को ठीक करने और आगे की स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने के लिए अक्सर सर्जरी आवश्यक होती है। यदि हर्निया दर्दनाक हो जाता है, तो आपका डॉक्टर आपको सर्जरी करवाने की सलाह दे सकता है। भले ही हर्निया दर्द का कारण न हो, फिर भी कुछ मामलों में भविष्य की जटिलताओं को रोकने के लिए सर्जरी पर विचार किया जा सकता है।

 

सबसे आम प्रकारों में शामिल हैं:

 

  • इंगुइनल हर्निया (ग्रोइन क्षेत्र): यह पुरुषों में सबसे आम है।
  • फीमोरल हर्निया (ऊपरी जांघ): यह महिलाओं में अधिक आम है।
  • नाभि हर्निया (नाभि क्षेत्र)
  • चीरा लगाने से होने वाला हर्निया (सर्जिकल निशानों के माध्यम से)
  • हाइटल हर्निया (पेट का ऊपरी भाग छाती में धंसना)

 

यदि आपको हर्निया से संबंधित इनमें से कोई भी जटिलता हो तो आपातकालीन सर्जरी करवाएं।

 

  • हर्निया के आकार में अचानक वृद्धि
  • पेट फूलना (अवरोध के साथ)
  • बुखार
  • मतली या उलटी
  • हर्निया के ऊपर लालिमा

 

हर्निया का मुख्य कारण

 

हर्निया का मुख्य कारण पेट की दीवार में किसी कमजोर जगह पर दबाव का बढ़ना है। इस दबाव के कारण कोई अंग या वसा ऊतक उस कमजोर जगह से बाहर निकल आता है, जिससे उभार बन जाता है। यह दबाव कई कारणों से हो सकता है। इनमें भारी सामान उठाना, खासकर सांस रोककर और जोर लगाकर (वाल्साल्वा पैंतरेबाज़ी) जैसे काम शामिल हैं। हर्निया के अन्य कारणों में लगातार खांसी, कब्ज या पेशाब करते समय जोर लगाना शामिल हैं। ये सभी स्थितियां पेट पर दबाव बढ़ाती हैं।

 

अचानक लगी चोट और आघात से भी हर्निया हो सकता है। उदाहरण के लिए, किसी दुर्घटना से लगी चोट पेट की मांसपेशियों को कमजोर कर सकती है। हालांकि, कुछ मामलों में हर्निया आनुवंशिक कारणों से भी हो सकता है, क्योंकि कुछ लोग कमजोर पेट की मांसपेशियों के साथ पैदा होते हैं। उम्र बढ़ना, सर्जिकल चीरे, धूम्रपान, मोटापा और खराब पोषण जैसे अन्य कारण भी हर्निया का कारण बन सकते हैं।

 

हर्निया की सर्जरी का खर्च

 

विकल्पअनुमानित लागतवसूली मे लगने वाला समय
ओपन हर्निया रिपेयर₹25,000 - ₹1,50,0004-6 सप्ताह
लैप्रोस्कोपिक रिपेयर (कीहोल सर्जरी)₹45,000 - ₹1,50,000 1-2 सप्ताह।
रोबोटिक-सहायता प्राप्त सर्जरी₹60,000 - ₹2,50,000पहले 1-2 सप्ताह

 

भारत के विभिन्न शहरों में हर्निया सर्जरी की लागत की तुलना

 

भारत में हर्निया सर्जरी की लागत आमतौर पर ₹30,000 से लेकर ₹2,80,000 तक होती है, जो प्रक्रिया के प्रकार, अस्पताल की श्रेणी और जटिलता पर निर्भर करती है।

 

शहरलागत सीमा
दिल्ली₹55,000 – ₹2,60,000
चंडीगढ़₹50,000 – ₹1,80,000
केरल₹45,000 – ₹1,50,000
चेन्नई₹50,000 – ₹2,00,000
बैंगलोर₹50,000 – ₹75,000
मुंबई₹55,000 – ₹2,60,000
हैदराबाद₹50,000 – ₹2,00,000
पुणे₹45,000 – ₹2,00,000
अहमदाबाद₹45,000 – ₹2,00,000
कोलकाता₹50,000 – ₹2,50,000

 

हर्निया सर्जरी की लागत को प्रभावित करने वाले कारक

 

  • हर्निया का प्रकार और उससे संबंधित सर्जरी: जिस प्रकार के हर्निया की मरम्मत की जा रही है, जैसे कि इनगुइनल, अम्बिलिकल, हायटल, वह कुल लागत को प्रभावित कर सकता है।
  • स्थान: लागत शहर और यहां तक कि विशिष्ट अस्पतालों के आधार पर काफी भिन्न हो सकती है। उदाहरण के लिए, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों में लागत छोटे शहरों की तुलना में अधिक हो सकती है।
  • मरीज का स्वास्थ्य: पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थितियों के लिए अतिरिक्त प्री-ऑपरेटिव परामर्श, विशेष एनेस्थीसिया देखभाल, अधिक जटिल निगरानी और अस्पताल में लंबे समय तक रहने की आवश्यकता हो सकती है, ये सभी चीजें कुल लागत को बढ़ा देती हैं। 
  • अस्पताल और सर्जन: स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की विशेषज्ञता, लोकप्रियता और प्रतिष्ठा तथा अस्पतालों की प्रसिद्धि भी कुल लागत में वृद्धि का कारण बन सकती है।
  • शल्य चिकित्सा तकनीक: लैप्रोस्कोपिक (कीहोल) सर्जरी में महंगे उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण के कारण अक्सर शुरुआती लागत अधिक होती है, लेकिन इससे तेजी से रिकवरी हो सकती है।
  • इंप्लांट/मेश की लागत: अधिकांश हर्निया के उपचार में सर्जिकल मेश का उपयोग मानक प्रक्रिया है। मेश का प्रकार, ब्रांड और सामग्री (सिंथेटिक, बायोलॉजिक) लागत में भारी अंतर ला सकती है।
  • निदान संबंधी लागत: ऑपरेशन से पहले किए जाने वाले परीक्षण जैसे रक्त परीक्षण, ईसीजी और इमेजिंग (अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन) कुल लागत में जुड़ जाते हैं।

 

हर्निया की सर्जरी क्यों महत्वपूर्ण है?

 

हालांकि छोटे हर्निया शुरू में गंभीर समस्याएँ पैदा नहीं करते, लेकिन समय के साथ वे बढ़ सकते हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। स्वास्थ्य पेशेवर अक्सर भविष्य में होने वाली जटिलताओं को रोकने के लिए सर्जरी की सलाह देते हैं, खासकर यदि हर्निया में लक्षण दिखाई दे रहे हों या उसमें गला घोंटने का खतरा अधिक हो। छोटे, लक्षणहीन हर्निया के मामले में, वे प्रतीक्षा करने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं।

 

  • समय के साथ उभार बड़ा होता जाता है
  • गला घोंटने का खतरनाक खतरा
  • नियमित गतिविधियों के साथ दर्द में भारी वृद्धि
  • पेट की हर्निया में आंत्र अवरोध या अवरोध

 

हर्निया के लिए उपलब्ध शल्य चिकित्सा विकल्प

 

  1. ओपन हर्निया रिपेयर: इस पारंपरिक प्रक्रिया में हर्निया वाली जगह पर एक चीरा लगाया जाता है। सर्जन हर्निया वाले ऊतक को वापस अपनी जगह पर धकेलते हैं और आमतौर पर कमजोर मांसपेशी की दीवार को सिंथेटिक या बायोलॉजिक मेश से मजबूत करते हैं ताकि मजबूत मरम्मत हो सके और दोबारा होने से रोका जा सके। इसके बाद चीरे को टांकों या सर्जिकल ग्लू से बंद कर दिया जाता है।
  2. लैप्रोस्कोपिक रिपेयर (कीहोल सर्जरी):  सर्जन पेट में कई छोटे चीरे लगाते हैं। एक छोटा कैमरा (लैप्रोस्कोप) और लंबे, पतले उपकरण अंदर डाले जाते हैं। पेट की दीवार के पीछे से हर्निया की मरम्मत की जाती है, लगभग हमेशा मेश का उपयोग करके। इस विधि से आमतौर पर ओपन सर्जरी की तुलना में ऑपरेशन के बाद कम दर्द होता है और हल्के-फुल्के काम जल्दी शुरू किए जा सकते हैं।
  3. रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी:  यह एक प्रकार की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी है। सर्जन एक कंसोल से ऑपरेशन करता है, जो सर्जिकल उपकरणों को पकड़े हुए रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित करता है। यह प्रणाली उच्च-परिभाषा 3डी दृश्य प्रदान करती है और मानक लैप्रोस्कोपी की तुलना में अधिक सटीकता और निपुणता की अनुमति देती है, जो जटिल मरम्मत कार्यों के लिए लाभदायक हो सकती है।

 

हर्निया सर्जरी के क्या फायदे हैं?

 

हर्निया सर्जरी दर्द से राहत दिलाने और आगे होने वाली जटिलताओं को रोकने में मददगार हो सकती है। सर्जरी ही हर्निया के लक्षणों से छुटकारा पाने का एकमात्र तरीका है। हर्निया सर्जरी के बाद मरीज को लक्षणों से काफी राहत मिल सकती है। वे सर्जरी के 1-2 सप्ताह बाद अपनी सामान्य गतिविधियों में लौट सकते हैं। हर्निया सर्जरी के दीर्घकालिक लाभों में दर्द में कमी, गतिशीलता में सुधार और कुछ जटिलताओं की रोकथाम शामिल हैं।

 

उपसंहार

 

हर्निया की सर्जरी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार ला सकती है। सर्जरी से व्यक्ति को दर्द से स्थायी राहत मिलती है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव होता है। भारतीय बाज़ारों में ओपन सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी और रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी जैसे कई सर्जिकल विकल्प उपलब्ध हैं। हर्निया से पीड़ित व्यक्ति डॉक्टर से परामर्श करके अपनी स्थिति और बजट के अनुसार सर्जरी का चुनाव कर सकते हैं। हालांकि, लागत शहर-दर-शहर भिन्न हो सकती है। समय पर इलाज कराने से बेहतर परिणाम मिलते हैं और व्यक्ति जल्दी ही अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है।

Still choosing the right health plan?

We're here to guide you.

Mobile Banner
Disclaimer:

Health Insurance Coverage for pre-existing medical conditions is subject to underwriting review and may involve additional requirements, loadings, or exclusions. Please disclose your medical history in the proposal form for a personalised assessment.
This FAQ page contains information for general purpose only and has no medical or legal advice. For any personalized advice, do refer company's policy documents or consult a licensed health insurance agent. T & C apply. For further detailed information or inquiries, feel free to reach out via email at marketing.d2c@starhealth.in