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हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी समाप्त होने पर क्या करें?

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हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी एक्सपायर होने के बाद क्या करें?

 

अगर आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का रिन्यूअल डेट निकल गया है और आप समय पर प्रीमियम का भुगतान नहीं कर पाए हैं, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। अगर पॉलिसी की एक्सपायरी डेट मिस हो गई है, तो भी आप भुगतान कर सकते हैं, क्योंकि कई इंश्योरेंस कंपनियां 7 दिनों तक का ग्रेस पीरियड देते हैं, वहीं कुछ कंपनियां थोड़ी ढील देकर 15 दिनों तक का ग्रेस पीरियड प्रदान करती हैं। ध्यान दें, इस अवधि में वर्किंग और नॉन-वर्किंग, दोनों तरह के दिन शामिल होते हैं। ग्रेस पीरियड के दौरान पॉलिसी सक्रिय रहती है और आप क्लेम भी कर सकते हैं।

 

लेकिन, अगर ग्रेस पीरियड खत्म होने के बाद भी आप एक्सपायर्ड हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का भुगतान नहीं करते, तो आपकी पॉलिसी  लैप्स हो जाएगी और कवरेज खत्म हो जाएगा।

 

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लैप्स होने से बचाने के तरीके

 

  • पॉलिसी की महत्वपूर्ण तारीखों पर नज़र रखें और रिमाइंडर सेट करें।
  • आप ऑटोमैटिक इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस (ECS) का विकल्प भी चुन सकते हैं। इससे आपके बैंक खाते से ड्यू डेट पर या उससे पहले, मेडिक्लेम प्रीमियम अपने आप कट जाएगा।
  • ग्रेस पीरियड का इस्तेमाल करके बकाया राशि का भुगतान कर सकते हैं।
  • कई इंश्योरेंस कंपनियां आपकी सुविधा के लिए कई बैंकों से टाई-अप करती हैं पॉलिसी लैप्स होने का खतरा कम हो जाता है। बैंक ATM से प्रीमियम भुगतान की सुविधा अपनाएं।
  • इंश्योरेंस कंपनियां एसएमएस या ईमेल के जरिए रिमाइंडर भी भेजती हैं। इनका लाभ उठाकर रिन्यूअल डेट मिस होने से बचें।

 

क्या लैप्स हुई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी दोबारा शुरू हो सकती है?

 

हाँ, बकाया प्रीमियम और ब्याज चुका कर लैप्स पॉलिसी को फिर से चालू किया जा सकता है। कुछ मामलों में हेल्थ चेकअप भी ज़रूरी हो सकता है। रिवाइवल के मुख्य तरीके-

 

  • ऑर्डिनरी रिवाइवल:लैप्स के 6 महीने के भीतर बिना हेल्थ चेकअप के, सिर्फ बकाया प्रीमियम और ब्याज भरकर पॉलिसी चालू करें।
     
  • नॉन-मेडिकल रिवाइवल:राशि पॉलिसी की तय सीमा से अधिक नहीं हो सकती।
     
  • मेडिकल रिवाइवल:अन्य दोनों तरीकों में असफल होने पर मेडिकल टेस्ट के बाद पॉलिसी चालू की जाती है।

 

बेहतर है समय पर रिन्यूअल करें, ताकि रिवाइवल की झंझट से बचा जा सके।

 

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी एक्सपायर होने के नुकसान 

 

अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को समय पर रिन्यू कराना बहुत ज़रूरी है। अगर आप ग्रेस पीरियड खत्म होने तक भी इसे रिन्यू नहीं करते हैं, तो आपकी पॉलिसी बंद हो जाएगी और आपको नई पॉलिसी लेनी पड़ेगी।

 

पॉलिसी बंद होने पर आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे -

 

  1. कवरेज खत्म होना -सबसे बड़ा नुकसान तो यही है कि आपकी कवरेज तुरंत खत्म हो जाएगी। अगर पॉलिसी एक्सपायर होने के बाद आपको या आपके परिवार में किसी को कोई मेडिकल इमरजेंसी आती है, तो अस्पताल का पूरा खर्च आपको अपनी जेब से भरना पड़ेगा।
  2. ग्रेस पीरियड का भी फायदा नहीं - ग्रेस पीरियड में प्रीमियम नहीं भरने पर आपकी पॉलिसी लैप्स हो जाएगी। ध्यान रखें कि ग्रेस पीरियड में भी कवरेज अक्सर नहीं मिलती, इसलिए इस अवधि में किए गए किसी भी क्लेम को कंपनी खारिज कर सकती है।
  3. वेटिंग पीरियड फिर से शुरू होगा - नई पॉलिसी लेने पर कुछ बीमारियों के लिए वेटिंग पीरियड होता है। अगर पुरानी पॉलिसी लैप्स हो जाए, तो यह वेटिंग पीरियड फिर से शुरू होगा और पहले से मिले फायदे खत्म हो जाएंगे।
  4. नो क्लेम बोनस का नुकसान -अगर आप साल भर कोई क्लेम नहीं करते हैं, तो बहुत सी कंपनियां नो क्लेम बोनस (NCB) देती हैं। नो क्लेम बोनस पॉलिसी लेप्स होते ही खत्म हो जाता है और उसका फायदा नहीं मिलता।
  5. पॉलिसी पोर्टेबिलिटी-पॉलिसी बंद होने पर उसे दूसरी कंपनी में पोर्ट नहीं किया जा सकता। पोर्ट करने के लिए एक्सपायरी से 45-60 दिन पहले आवेदन जरूरी है।
  6. लाइफ़लोंग रिन्यूएबिलिटी (उम्र भर कवरेज) - सीनियर सिटीजन की पॉलिसी ग्रेस पीरियड में रिन्यू न होने पर लाइफ़लोंग कवरेज और नया प्लान मिलने का मौका खत्म हो सकता है।

 

निष्कर्ष

 

हेल्थ इंश्योरेंस को समय पर रिन्यू करना आपके फाइनेंशियल और मेडिकल सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। ग्रेस पीरियड में रिन्यू न करने पर कवरेज, फायदे और बोनस सब खत्म हो सकते हैं, साथ ही नई पॉलिसी पर वेटिंग पीरियड फिर से शुरू होगा। इसलिए रिमाइंडर, ऑटो-रिन्यूअल और समय पर प्रीमियम भुगतान से पॉलिसी लैप्स होने से बचें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नहीं, पॉलिसी लैप्स होने पर आपका भरा हुआ प्रीमियम वापस नहीं मिलता, क्योंकि यह सिर्फ कवरेज जारी रखने के लिए होता है।

जी हाँ, आप एक्सपायरी के बाद भी अपना हेल्थ इंश्योरेंस रिन्यू कर सकते हैं, लेकिन केवल उसी ग्रेस पीरियड के भीतर जो इंश्योरेंस कंपनी प्रदान करती है।

ग्रेस पीरियड में रिन्यू न करने पर पॉलिसी लैप्स हो जाएगी, सभी फायदे खत्म हो जाएंगे, और नई पॉलिसी लेनी पड़ेगी जिसमें वेटिंग पीरियड फिर से शुरू होगा।

इसके लिए फोन में रिमाइंडर लगाएं, कैलेंडर पर नोट करें या कंपनी के ऐप/ऑटो-रिन्यूअल से प्रीमियम अपने आप कटने दें।

पॉलिसी की एक्सपायरी के बाद दिया जाने वाला 15–30 दिन का समय, जिसमें आप बिना फायदे खोए पॉलिसी रिन्यू कर सकते हैं।

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