आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि अस्पताल में भर्ती होने के समय आप सीधे पूरा क्लेम सेटल नहीं कर सकते या तुरंत भुगतान नहीं पा सकते। इसमें पहला स्टेप होता है इनिशियल अप्रूवल। यहाँ हॉस्पिटल आपकी जानकारी आपके इंश्योरेंस कंपनी को भेजती है। यह प्रक्रिया कुछ सरल चरणों में पूरी हो जाती है और आपके इलाज में देरी नहीं होने देती। चिंता करने की बात नहीं है क्योंकि बिल्कुल आसान भाषा में इंश्योरेंस क्लेम करने का पहला स्टेप आपको कुछ ही मिनटों में समझ आ जाएगा।
जब भी आप कैशलेस इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने वाले होते हैं तब आपका चुना हुआ अस्पताल आपकी बीमा कंपनी को एक रीक्वेस्ट फ़ॉर्म भेजती है। मतलब बिना पैसों के आपके इलाज के लिए अनुमति मांगती है। इसे प्रीऑथराइज़ेशन, प्रीसर्टिफ़िकेशन, प्रीडिटरमिनेशन और प्रीअप्रूवल भी कहा जाता है। ऐसा सर्जरी, महंगे टेस्ट, विशेष उपचार के लिए किया जाता है। अस्पताल मरीज़ से जुड़ी जानकारी बीमा कंपनी को देकर उनसे इलाज शुरू करने की अनुमति मांगती है। यह एक अस्थायी मंजूरी होती है। इसका मतलब ये फाइनल सेटल्मन्ट नहीं है।
जब हॉस्पिटल बीमा कंपनी से इलाज की अनुमति मांगती है तब ये सुनिश्चित हो जाता है की आपका इलाज पॉलिसी में कवर हो रहा है और अस्पताल को बिल के भुगतान की गारंटी भी मिल जाती है। इसमें लगभग होने वाले खर्च की भी जानकारी मिल जाती है। साथ ही इंश्योरेंस कंपनी किसी भी तरह की धोखाधड़ी जैसे झूठे हॉस्पिटलाइजेशन, गलत क्लेम और बाकी खर्चों से बच जाती है।
इनिशियल अप्रूवल की प्रक्रिया सरल है, बस आपके पास सभी डॉक्युमेंट्स होने चाहिए।
IRDAI ने जनवरी 2024 से कैशलेस एवरीवेयर नियम लागू किया गया है। यानि अब नॉन- नेटवर्क अस्पताल में भी कैशलेस सुविधा उपलब्ध की जाएंगी। बशर्ते आप इलाज के कम से कम 48 घंटे पहले या इमरजेंसी में 48 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को सूचित करें।
नया नियम ये भी कहता है की इंश्योरेंस कंपनी को 1 घंटे के अंदर कैशलेस अप्रूवल देना होता है। साथ ही इलाज के बाद जब हॉस्पिटल बिल भेजे तो उन्हें 3 घंटे के अंदर क्लेम सेटल्मेंट करना होगा।
इसलिए सभी से अनुरोध है की ज़रूरी दस्तावेज़ हमेशा संभालकर रखें, साथ ही ज़रूरत पड़ने पर अपनी जेब से खर्च होने की भी तैयारी रखें। ताकि आपके इलाज में देरी ना हो।
इनिशियल अप्रूवल कैशलेस इलाज की ओर एक अहम कदम है। इससे आपका बिना किसी चिंता के इलाज होता है। बीमा कंपनी और हॉस्पिटल भी आर्थिक नुकसान से बचता है। लेकिन इस बात को याद रखें की ये फाइनल अप्रूवल नहीं है। इसमें कुछ बदलाव हो सकते हैं। आपका क्लेम खारिज ना हो इसके लिए ज़रूरी दस्तावेज़ साथ रखें।