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DND Registration

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी

India +91✓

IRDAI UIN: SHAHLIP26044V092526

HIGHLIGHTS

Plan Essentials

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पीईडी बाय-बैक

अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करके पहले से मौजूद बीमारियों के लिए प्रतीक्षा अवधि को 3 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष किया जा सकता है। यह एक वैकल्पिक कवर है।

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बैरिएट्रिक सर्जरी

बैरिएट्रिक सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर होने वाले चिकित्सा खर्च, पॉलिसी की शर्तों में निर्धारित सीमा तक कवर किए जाते हैं।

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डिलीवरी संबंधी लाभ

सामान्य और सिजेरियन डिलीवरी, दोनों के लिए प्री-नेटल और पोस्ट-नेटल खर्चों सहित, पॉलिसी की शर्तों में निर्धारित सीमा तक कवरेज प्रदान किया जाता है।

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ओपीडी कवर

ओपीडी परामर्श और ओपीडी उपचार, जिसमें दंत चिकित्सा और नेत्र चिकित्सा से जुड़े खर्च शामिल हैं, पॉलिसी की शर्तों में निर्धारित सीमा तक कवर किए जाते हैं।

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संचयी बोनस

₹5 लाख की बीमा राशि के लिए, प्रत्येक क्लेम-मुक्त पॉलिसी वर्ष के बाद मूल बीमा राशि का 50% संचयी बोनस के रूप में जोड़ा जाता है, जो अधिकतम 100% तक हो सकता है। ₹7.50 लाख या उससे अधिक की बीमा राशि के लिए, संचयी बोनस मूल बीमा राशि के 100% के बराबर होगा।

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बीमा राशि की स्वचालित बहाली

पॉलिसी अवधि के दौरान मूल बीमा राशि पूरी तरह समाप्त हो जाने पर, बीमा राशि का 100% वर्ष में एक बार स्वतः बहाल किया जाएगा। बहाल की गई बीमा राशि का उपयोग उसी बीमारी या रोग के उपचार के लिए भी किया जा सकता है, जिसके लिए पहले क्लेम किया जा चुका है।

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पर्सनल एक्सीडेंट कवर

पॉलिसी अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की दुर्घटनावश मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता होने पर, बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम के विश्वभर में पर्सनल एक्सीडेंट कवर का लाभ मिलता है।

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हॉस्पिटल कैश

अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान अस्पताल में भर्ती प्रत्येक पूर्ण दिवस के लिए हॉस्पिटल कैश लाभ देय होगा। यह लाभ एक अस्पताल में भर्ती होने पर अधिकतम 7 दिनों और पॉलिसी अवधि के दौरान अधिकतम 120 दिनों तक मिलेगा।

Detailed List

समझें योजना में क्या शामिल है

मुख्य विशेषताएं

पॉलिसी का प्रकार

यह पॉलिसी व्यक्तिगत या फ्लोटर आधार पर ली जा सकती है।

प्रवेश आयु

18 से 65 वर्ष की आयु का कोई भी व्यक्ति यह पॉलिसी ले सकता है। आश्रित बच्चों को जन्म के 91वें दिन से लेकर 25 वर्ष की आयु तक कवर किया जाता है।

अस्पताल में भर्ती होने का खर्च

बीमारी, चोट या दुर्घटना के कारण 24 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहने पर होने वाले चिकित्सा खर्च कवर किए जाते हैं।

अस्पताल में भर्ती होने से पहले के खर्च

अस्पताल में भर्ती होने की तारीख से पहले के अधिकतम 60 दिनों में हुए चिकित्सा खर्च कवर किए जाते हैं।

अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद के खर्च

अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद की तारीख से अधिकतम 90 दिनों तक हुए चिकित्सा खर्च कवर किए जाते हैं।

रूम रेंट

इस पॉलिसी के तहत रूम रेंट (प्राइवेट सिंगल एसी रूम), बोर्डिंग और नर्सिंग के खर्चों पर कोई सीमा निर्धारित नहीं है।

रोड एंबुलेंस

इस पॉलिसी के तहत अस्पताल में भर्ती होने, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने और अस्पताल से घर तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस का खर्च कवर किया जाता है।

एयर एंबुलेंस

एयर एंबुलेंस का खर्च प्रति अस्पताल में भर्ती होने पर अधिकतम ₹2,50,000 तक कवर किया जाता है। यह लाभ प्रति पॉलिसी अवधि अधिकतम ₹5,00,000 तक उपलब्ध है।

पॉलिसी अवधि में सदस्य को जोड़ना

अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करके नवविवाहित पति/पत्नी और नवजात शिशु को पॉलिसी में शामिल किया जा सकता है। नए सदस्य के शामिल होने की तारीख से उन पर लागू प्रतीक्षा अवधि प्रभावी होगी।

डे-केयर प्रक्रियाएं

तकनीकी प्रगति के कारण 24 घंटे से कम समय तक अस्पताल में भर्ती रखकर किए जाने वाले चिकित्सा उपचार और सर्जिकल प्रक्रियाओं का खर्च कवर किया जाता है।

आधुनिक उपचार

आधुनिक उपचार से जुड़े खर्च पॉलिसी की शर्तों में निर्धारित सीमा तक कवर किए जाते हैं।

हॉस्पिटल कैश

अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान प्रति दिन नकद लाभ दिया जाता है। यह लाभ एक अस्पताल में भर्ती होने पर अधिकतम 7 दिनों और एक पॉलिसी अवधि में अधिकतम 120 दिनों तक, पॉलिसी में निर्धारित सीमा के अनुसार उपलब्ध रहेगा।

डोमिसिलियरी हॉस्पिटलाइजेशन

डॉक्टर की सलाह पर 3 दिनों से अधिक समय तक घर पर अस्पताल जैसी चिकित्सा देखभाल लेने पर होने वाले खर्च कवर किए जाते हैं। इसमें आयुष उपचार भी शामिल हैं।

डिलीवरी से जुड़े खर्च

डिलीवरी, जिसमें सिजेरियन सेक्शन भी शामिल है, के प्री-नेटल और पोस्ट-नेटल खर्च निर्धारित सीमा तक कवर किए जाते हैं। यह लाभ अधिकतम दो डिलीवरी तक उपलब्ध है।

नवजात शिशु का कवरेज

नवजात शिशु के अस्पताल में भर्ती होने पर होने वाले खर्च चुनी गई बीमा राशि के अनुसार निर्धारित सीमा तक कवर किए जाते हैं।

टीकाकरण का खर्च

नवजात शिशु के टीकाकरण का खर्च, चुनी गई बीमा राशि के अनुसार निर्धारित सीमा तक कवर किया जाता है।

बीमित राशि की स्वचालित बहाली

पॉलिसी अवधि के दौरान मूल बीमा राशि पूरी तरह समाप्त हो जाने पर, बीमा राशि का 100% एक बार स्वतः बहाल किया जाएगा।

को-पेमेंट

पॉलिसी लेते समय 61 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले बीमित व्यक्तियों के लिए, नई और नवीनीकृत दोनों पॉलिसियों में हर क्लेम पर 10% को-पेमेंट लागू होगा।

बैरिएट्रिक सर्जरी

बैरिएट्रिक सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर होने वाले खर्च ₹2,50,000 और ₹5,00,000 की निर्धारित सीमा तक कवर किए जाते हैं। इस सीमा में अस्पताल में भर्ती होने से पहले और अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद के खर्च भी शामिल हैं।

आयुष उपचार

आयुष अस्पतालों में आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी पद्धतियों से किए जाने वाले उपचार का खर्च बीमा राशि तक कवर किया जाता है।

ओपीडी परामर्श

नेटवर्क सुविधा केंद्रों पर दंत चिकित्सा और नेत्र चिकित्सा को छोड़कर अन्य ओपीडी उपचार और परामर्श से जुड़े खर्च, इस पॉलिसी में निर्धारित सीमा तक कवर किए जाते हैं।

ओपीडी परामर्श – दंत एवं नेत्र चिकित्सा

दंत चिकित्सा और नेत्र चिकित्सा से जुड़े ओपीडी खर्च, पॉलिसी की शर्तों में निर्धारित सीमा तक कवर किए जाते हैं। बीमित व्यक्ति हर तीन वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद इस लाभ का लाभ उठा सकता है।

ऑर्गन डोनर के खर्च

बीमित व्यक्ति के लिए डोनर से अंग प्रत्यारोपण कराने हेतु होने वाले अस्पताल में भर्ती के खर्च कवर किए जाते हैं, बशर्ते अंग प्रत्यारोपण का क्लेम पॉलिसी के तहत स्वीकार्य हो।

निवारक स्वास्थ्य जांच

चुनी गई बीमा राशि के अनुसार लागू पैकेज के तहत हमारे नेटवर्क प्रदाताओं के माध्यम से निवारक स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस पैकेज के तहत उपलब्ध जांचों की नवीनतम सूची के लिए बीमित व्यक्ति हमारी वेबसाइट www.starhealth.in देख सकते हैं।

ई-डोमेस्टिक सेकंड मेडिकल ओपिनियन

जमा किए गए मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर नेटवर्क डॉक्टर से दूसरी चिकित्सकीय राय लेने की सुविधा उपलब्ध है।

स्टार वेलनेस प्रोग्राम

बीमित व्यक्ति को विभिन्न वेलनेस गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित करने वाला वेलनेस प्रोग्राम। इसके अलावा, अर्जित वेलनेस बोनस पॉइंट्स का उपयोग रिन्यूअल पर छूट प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।

किस्तों में भुगतान का विकल्प

पॉलिसी का प्रीमियम मासिक, तिमाही या छमाही आधार पर भुगतान किया जा सकता है।

होम केयर उपचार

बीमित व्यक्ति द्वारा घर पर किए गए निर्धारित बीमारियों के उपचार के लिए, पॉलिसी वर्ष में बीमा राशि के 10% तक, अधिकतम ₹5 लाख तक का खर्च कवर किया जाता है।

अनलिमिटेड टेली-कंसल्टेशन

बीमित व्यक्ति स्टार हेल्थ मोबाइल ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से असीमित संख्या में टेली-कंसल्टेशन की सुविधा ले सकता है।

एआई-आधारित फेस स्कैन

बीमित व्यक्ति स्टार हेल्थ मोबाइल ऐप के माध्यम से एआई-आधारित फेस स्कैन की सुविधा का लाभ उठा सकता है। इस सुविधा से हृदय गति, ऑक्सीजन सैचुरेशन और श्वसन दर जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की जांच की जा सकती है। पॉलिसी वर्ष में प्रत्येक बीमित व्यक्ति महीने में अधिकतम दो बार इस सुविधा का उपयोग कर सकता है।
पॉलिसी विवरण और नियम और शर्तें जानने के लिए कृपया पॉलिसी दस्तावेजों को देखें।

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स्टार कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी

 

स्टार हेल्थ इंश्योरेंस की स्टार कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी आपकी जीवनभर की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। यह पॉलिसी विशेष रूप से 18 से 65 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए बनाई गई है।

 

यह पॉलिसी व्यक्तियों के लिए कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है। इसमें सभी डे-केयर प्रक्रियाएं, ओपीडी विज़िट और परामर्श, नई शादी के बाद जीवनसाथी या नवजात शिशु को शामिल करना, ऑर्गन डोनर के खर्च, दुर्घटना कवर और अन्य प्रमुख चिकित्सा उपचार शामिल हैं। ये सभी लाभ एक ही बीमा राशि के अंतर्गत मिलते हैं और पॉलिसी को जीवनभर रिन्यू कराया जा सकता है।

 

यह लेख कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस क्या है, इसकी प्रमुख विशेषताएं, लाभ, महत्व और इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी को विस्तार से समझने के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है।

 

कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस प्लान क्या है?

 

कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस प्लान विभिन्न प्रकार की चिकित्सा संबंधी जरूरतों को कवर करता है और आपातकालीन परिस्थितियों में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। इसे जीवनभर रिन्यू कराया जा सकता है। इस प्लान के तहत आप और आपके प्रियजन एक साथ स्वास्थ्य कवर ले सकते हैं और एक ही बीमा राशि साझा कर सकते हैं।

 

कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। आइए यहां कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल और शामिल न किए जाने वाले कवरेज के बारे में जानते हैं। कई कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ प्लान में हेल्थ चेक-अप और डे-केयर प्रक्रियाएं शामिल होती हैं और ये अलग-अलग लोगों की जरूरतों के अनुसार उपयुक्त हो सकते हैं। आइए कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में संक्षेप में समझते हैं।

 

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी की प्रमुख विशेषताएं

 

  • संबंधित और असंबंधित दोनों बीमारियों के लिए बीमा राशि की स्वचालित बहाली
  • बीमा राशि के 100% तक संचयी बोनस का संचय
  • डिलीवरी और नवजात शिशु से जुड़े खर्चों का कवरेज
  • दंत और नेत्र चिकित्सा सहित ओपीडी परामर्श का कवरेज

 

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी के लाभ

 

कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी व्यापक कवरेज प्रदान करती है। इसमें अस्पताल में भर्ती होने के खर्च के साथ-साथ अस्पताल में भर्ती होने से पहले और छुट्टी के बाद होने वाले चिकित्सा संबंधी खर्च भी शामिल होते हैं। स्टार कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रमुख लाभ नीचे दिए गए हैं:

 

  • अस्पताल में भर्ती होने के दौरान बोर्डिंग चार्ज, कमरे का किराया, नर्सिंग खर्च, एनेस्थेटिस्ट की फीस, विशेषज्ञ की फीस, दवाओं का खर्च, सर्जन की फीस और अन्य दवाइयों जैसे खर्चों के लिए क्लेम किया जा सकता है।
  • अस्पताल में भर्ती होने की तारीख से पहले के अधिकतम 60 दिनों के प्री-हॉस्पिटलाइजेशन खर्च कवर किए जाते हैं।
  • अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद की तारीख से अधिकतम 90 दिनों के पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन खर्च कवर किए जाते हैं।
  • आयुष अस्पताल में भर्ती होने के खर्च जैसे होम्योपैथी, सिद्ध, आयुर्वेद और यूनानी पद्धतियों से जुड़े खर्च भी शामिल हैं। ये खर्च पॉलिसी दस्तावेज़ में निर्धारित सीमा तक कवर किए जाते हैं।
  • आपातकालीन स्थिति में रोड एम्बुलेंस द्वारा परिवहन का खर्च भी कवर किया जाता है।
  • नेटवर्क सुविधा केंद्र में आउटपेशेंट के रूप में दंत और नेत्र चिकित्सा को छोड़कर अन्य चिकित्सा परामर्श पर हुए खर्च के लिए, पॉलिसी में निर्धारित सीमा तक क्लेम किया जा सकता है।
  • कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ प्लान के सदस्य के रूप में, डोमिसिलियरी हॉस्पिटलाइजेशन की सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है।
  • दुर्घटना के कारण होने वाली मृत्यु और स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए कवरेज उपलब्ध है। आश्रित बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को पॉलिसी दस्तावेज़ में उल्लिखित बीमा राशि तक दुर्घटनावश मृत्यु और स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए कवर किया जा सकता है।
  • हर 3 वर्ष में एक बार दंत एवं नेत्र चिकित्सा से संबंधित ओपीडी उपचार पॉलिसी के तहत कवर किया जाता है।
  • प्रत्येक अस्पताल में भर्ती के लिए अधिकतम 7 दिनों और पूरे पॉलिसी अवधि के दौरान अधिकतम 120 दिनों तक हॉस्पिटल कैश लाभ उपलब्ध है। हालांकि, इस लाभ के तहत किए गए क्लेम से बीमा राशि कम नहीं होगी।
  • पॉलिसी में डिलीवरी और नवजात शिशु के खर्चों के लिए कवरेज उपलब्ध है, बशर्ते स्वयं और पति/पत्नी के लिए 24 महीने की प्रतीक्षा अवधि पूरी हो चुकी हो।
  • नवजात शिशु को जन्म के पहले दिन से ही कवर किया जाता है, बशर्ते डिलीवरी से संबंधित खर्च पॉलिसी के तहत स्वीकार्य और क्लेम के योग्य हों।
  • पॉलिसी में पहले से मौजूद बीमारियों (PED) को कवर करने के लिए वैकल्पिक कवर उपलब्ध है, जिसके लिए अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान और मेडिकल जांच आवश्यक है।
  • पॉलिसी में प्रत्येक क्लेम-रहित वर्ष के लिए हेल्थ चेक-अप का लाभ उपलब्ध है, जो पॉलिसी में निर्धारित सीमा तक दिया जाता है
  • यह पॉलिसी इंडिविजुअल या फ्लोटर आधार पर ली जा सकती है।
  • पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अधीन एयर एम्बुलेंस का कवरेज उपलब्ध है, जिसकी सीमा पॉलिसी में निर्दिष्ट है।

 

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में क्या-क्या शामिल है?

 

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के तहत कई तरह के चिकित्सा खर्च कवर किए जाते हैं। इसमें अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद अधिकतम 90 दिनों तक होने वाले पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन खर्च भी शामिल हैं।

 

  • अस्पताल में भर्ती होने से पहले के अधिकतम 60 दिनों के प्री-हॉस्पिटलाइजेशन खर्च और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद के अधिकतम 90 दिनों के पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन खर्च के लिए क्लेम किया जा सकता है।
  • इसमें कमरे का किराया, नर्सिंग खर्च, बोर्डिंग चार्ज, एनेस्थेटिस्ट की फीस, विशेषज्ञ की फीस, सर्जन की फीस, दवाओं, पेसमेकर और अन्य दवाइयों जैसे अस्पताल में भर्ती होने से जुड़े खर्च शामिल हैं।
  • इस प्लान के तहत होम्योपैथी, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध जैसी आयुष पद्धतियों के अस्पताल में भर्ती होने के खर्च भी कवर किए जाते हैं।
  • नॉर्मल और सीज़ेरियन डिलीवरी से संबंधित खर्चों के लिए भी क्लेम किया जा सकता है।
  • इसमें नवजात शिशु और टीकाकरण के खर्च भी शामिल हैं।
  • इसमें आपातकालीन स्थिति में रोड एम्बुलेंस से परिवहन का खर्च भी शामिल है।
  • ऑर्गन डोनर से संबंधित खर्च भी कवर किए जाते हैं।
  • आपातकालीन स्थिति में एयर एम्बुलेंस का खर्च भी कवर किया जाता है।
  • इस पॉलिसी के तहत डोमिसिलियरी हॉस्पिटलाइजेशन के खर्च भी शामिल हैं।
  • इस प्लान के तहत हेल्थ चेक-अप की सुविधा और उससे संबंधित खर्च भी शामिल हैं।
  • बीमित व्यक्ति द्वारा दुर्घटनावश मृत्यु और स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए क्लेम भी किया जा सकता है।
  • दंत एवं नेत्र चिकित्सा से संबंधित ओपीडी उपचार का खर्च हर 3 वर्ष में एक बार कवर किया जाता है।
  • बेरिएट्रिक सर्जरी के खर्च के लिए 3 वर्ष की प्रतीक्षा अवधि पूरी होने के बाद क्लेम किया जा सकता है।
  • स्टार हेल्थ इंश्योरेंस के नेटवर्क में शामिल डॉक्टरों से ली गई दूसरी चिकित्सकीय राय के खर्च की प्रतिपूर्ति की जा सकती है।
  • अस्पताल में भर्ती होने पर अधिकतम 7 दिनों तक हॉस्पिटल कैश का लाभ मिलता है।

 

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में क्या शामिल नहीं है?

 

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में कुछ उपचार और खर्च कवर नहीं किए जाते हैं।

 

  • लिंग परिवर्तन से संबंधित उपचार का खर्च कवर नहीं किया जाता है।
  • मोटापे के उपचार का खर्च कवर नहीं किया जाता है।
  • पहले से मौजूद बीमारियों से संबंधित खर्च 3 वर्ष की प्रतीक्षा अवधि पूरी होने तक कवर नहीं किए जाते हैं।
  • जोखिमपूर्ण या साहसिक खेलों के कारण लगी चोटों से संबंधित खर्च कवर नहीं किए जाते हैं।
  • अप्रमाणित उपचारों से संबंधित खर्च कवर नहीं किए जाते हैं।
  • बांझपन और प्रजनन संबंधी समस्याओं के उपचार का खर्च कवर नहीं किया जाता है।
  • यौन रोगों और यौन संचारित संक्रमणों (HIV को छोड़कर) के उपचार से संबंधित खर्च कवर नहीं किए जाते हैं।
  • परमाणु हथियारों और युद्ध से संबंधित जोखिमों से होने वाले खर्च कवर नहीं किए जाते हैं।
  • एंडोक्राइन डिसऑर्डर के उपचार से संबंधित खर्च कवर नहीं किए जाते हैं।
  • भारत में कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस चुनने में कुछ महत्वपूर्ण कारकों की भूमिका होती है।

 

भारत में कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस कैसे चुनें?

 

भारत में हेल्थ इंश्योरेंस चुनते समय कई बातों पर ध्यान देना जरूरी है। कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस चुनते समय आप निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार कर सकते हैं:

 

  1. क्लेम सेटलमेंट रेशियो: हमेशा ऐसा स्वास्थ्य बीमा चुनें जिसका क्लेम सेटलमेंट रेशियो अधिक हो। अधिक क्लेम सेटलमेंट रेशियो बीमाकर्ता की विश्वसनीयता और क्लेम के निपटान की क्षमता को दर्शाता है।
  2. नेटवर्क अस्पताल: बेहतर और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अपने क्षेत्र में उपलब्ध नेटवर्क अस्पतालों को प्राथमिकता दें। इसके लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रदाता की वेबसाइट पर उपलब्ध नेटवर्क अस्पतालों की सूची देखें।
  3. उपलब्ध कवरेज: सही कवरेज चुनने के लिए सबसे पहले अपनी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को समझें और ऐसा प्लान चुनें, जो एक ही पॉलिसी के तहत आपकी अधिकतर जरूरतों को कवर करता हो।
  4. बीमा राशि: विभिन्न हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में उपलब्ध बीमा राशि की तुलना करें। अपनी जरूरत से कम बीमा राशि चुनना आपके लिए उचित नहीं हो सकता है। सुनिश्चित करें कि बीमा राशि आपके अधिकतम संभावित चिकित्सा खर्चों को कवर करने के लिए पर्याप्त हो।
  5. को-पेमेंट: कुछ प्लान में अनिवार्य को-पेमेंट की शर्त होती है, जिसके तहत पॉलिसीधारक को हर क्लेम की एक निश्चित प्रतिशत राशि खुद वहन करनी होती है।
  6. हेल्थ प्लान की तुलना: सही पॉलिसी चुनने के लिए अच्छी तरह रिसर्च करें और अलग-अलग हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों की तुलना करें। आप लाभ, बीमा राशि और ऐड-ऑन कवर जैसी सुविधाओं के आधार पर प्लान की तुलना कर सकते हैं।
  7. प्रीमियम: हेल्थ इंश्योरेंस प्लान से जुड़े प्रीमियम और डिडक्टिबल की जांच करें। आप अपनी प्रवेश आयु के आधार पर निर्धारित प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं।
  8. आजीवन नवीनीकरण: ऐसे हेल्थ इंश्योरेंस प्लान चुनें जिनमें आजीवन रिन्यूअल की सुविधा हो, ताकि बढ़ती उम्र के साथ आपकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें बढ़ने पर भी आपका कवरेज जारी रहे।
  9. समीक्षा और रेटिंग: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से पहले बीमाकर्ता की समीक्षाएं और ग्राहक रेटिंग जरूर देखें। पॉलिसी लेने से पहले बीमा प्रदाता की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता की भी जांच करें।
  10. क्लेम सेटलमेंट का समय: हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लेने से पहले प्रत्येक बीमाकर्ता द्वारा क्लेम का निपटारा करने में लगने वाले समय की जांच करें। अधिक क्लेम सेटलमेंट रेशियो वाले बीमाकर्ता को चुनने से क्लेम प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय हो सकती है।
  11. संचयी बोनस: क्लेम-रहित पॉलिसी वर्ष पूरे करने पर आपको संचयी बोनस मिलता है। हेल्थ पॉलिसी रिन्यू करते समय इस बोनस का लाभ उठाकर अपनी बीमा राशि बढ़ा सकते हैं।
  12. अधिक सब-लिमिट: ऐसा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान चुनें जिसमें अधिकांश खर्चों के लिए सब-लिमिट अधिक हो या कोई सब-लिमिट न हो। इसके अलावा, प्रीमियम का खर्च कम रखने के लिए सब-लिमिट, को-पेमेंट या स्वैच्छिक डिडक्टिबल में से किसी विकल्प को चुनना पड़ सकता है।
  13. पॉलिसी में शामिल न होने वाले खर्च और सीमाएं: हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चुनते समय किन खर्चों को कवर नहीं किया जाता है और कवरेज की क्या सीमाएं हैं, यह जानना जरूरी है।
  14. पहले से मौजूद बीमारियां: अपनी सभी पहले से मौजूद बीमारियों के बारे में सही जानकारी दें और जांचें कि उनके लिए पॉलिसी में किस प्रकार का कवरेज उपलब्ध है। चुनी गई पॉलिसी में इन बीमारियों के लिए लागू प्रतीक्षा अवधि के बारे में भी जानकारी लें।
  15. फैमिली फ्लोटर प्लान चुनें: यदि आप पूरे परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहते हैं, तो अलग-अलग व्यक्तिगत हेल्थ पॉलिसियां लेने के बजाय फैमिली फ्लोटर प्लान चुनें। परिवार के जिन सदस्यों को कवर करना है, उनकी संख्या और जरूरतों के आधार पर उपयुक्त प्लान चुनें।

 

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी लेने पर टैक्स लाभ

 

प्रीमियम का भुगतान नकद के अलावा किसी अन्य माध्यम से करने पर, बीमित व्यक्ति आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80D के तहत कर लाभ का पात्र होता है।

 

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ प्लान के तहत लागू प्रतीक्षा अवधि

 

  • प्रारंभिक प्रतीक्षा अवधि 30 दिनों की है।
  • निर्दिष्ट बीमारी/प्रक्रिया के लिए 24 महीने की प्रतीक्षा अवधि लागू होती है।
  • पहले से मौजूद बीमारी के लिए 36 महीने की प्रतीक्षा अवधि लागू होती है।
  • डिलीवरी के खर्च और नवजात शिशु के लिए 24 महीने की प्रतीक्षा अवधि लागू होती है।
  • बेरिएट्रिक सर्जरी के लिए 36 महीने की प्रतीक्षा अवधि पूरी करना आवश्यक है।
     

निष्कर्ष

 

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी एकल बीमित व्यक्ति और परिवार, दोनों के लिए उपलब्ध है। यह पॉलिसी के नियमों और शर्तों के अनुसार विभिन्न चिकित्सा खर्चों के लिए कवरेज प्रदान करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी में ₹5 लाख से ₹1 करोड़ तक की बीमा राशि के विकल्प उपलब्ध हैं।

हां, प्रीमियम का भुगतान किस्तों में किया जा सकता है। यह सुविधा मासिक, त्रैमासिक या अर्धवार्षिक आधार पर उपलब्ध है। इसके अलावा, पॉलिसी की पूरी अवधि का प्रीमियम एकमुश्त भी जमा किया जा सकता है।

इस कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज के तहत 11,000 से अधिक नेटवर्क अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है, जिससे अपनी जेब से होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिलती है।

60 वर्ष की आयु तक को-पेमेंट लागू नहीं होता। 61 वर्ष की आयु से किए गए क्लेम पर 10% को-पेमेंट लागू होगा।

भारत में कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे बीमित व्यक्ति की आयु, चुना गया कवरेज और बीमा कंपनी। कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस की लागत को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक इस प्रकार हैं:

  • आयु: बीमित व्यक्ति की आयु हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में से एक है। उदाहरण के लिए, 30 वर्ष की आयु का व्यक्ति अपेक्षाकृत कम प्रीमियम का भुगतान कर सकता है, जबकि 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति के लिए प्रीमियम अधिक हो सकता है।
  • प्लान का कवरेज: आपके द्वारा चुने गए प्लान में शामिल कवरेज का प्रकार और सीमा प्रीमियम की राशि को प्रभावित करती है।
  • बीमा कंपनी: आप जिस बीमा कंपनी का प्लान चुनते हैं, उसका भी प्रीमियम की राशि पर प्रभाव पड़ता है।

कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम आमतौर पर कवरेज, बीमित व्यक्ति की आयु, बीमा राशि और आश्रित सदस्यों की संख्या जैसे विभिन्न कारकों के आधार पर तय किया जाता है। ये कारक प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग हो सकते हैं। इसलिए, एक ही हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लेने वाले दो लोगों का प्रीमियम अलग-अलग हो सकता है।

कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस ऐसी पॉलिसी है, जो सिर्फ अस्पताल में भर्ती होने के खर्चों तक सीमित न रहकर विभिन्न प्रकार के चिकित्सा खर्चों के लिए व्यापक कवरेज प्रदान करती है। इसमें आमतौर पर इन-पेशेंट और ओपीडी उपचार, एम्बुलेंस का खर्च, अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के चिकित्सा खर्च, डे-केयर प्रक्रियाएं, वार्षिक हेल्थ चेक-अप, ऑर्गन डोनर से जुड़े खर्च और आयुष जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के उपचार शामिल हो सकते हैं।

कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी बढ़ते चिकित्सा खर्चों के बीच वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है और बिना आर्थिक बोझ की चिंता किए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने में मदद करती है। मेडिकल इमरजेंसी के दौरान यह पॉलिसी इलाज से जुड़े खर्चों को संभालने में मदद कर मानसिक तनाव कम करती है। इसमें विभिन्न उपचारों और आपातकालीन स्थितियों के लिए व्यापक कवरेज उपलब्ध होता है।

स्टार कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी
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